Sarva Darshan Sangrah (सर्वदर्शनसंग्रहः)
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Prof. Madhav Janardan Rarate - The Bharatiya Vidya Prakashan
Sarva Darshan Sangrah (सर्वदर्शनसंग्रहः)
सर्व-दर्शन-संग्रह (सर्वदर्शनसंग्रह), जिसका अर्थ है " सभी दार्शनिक प्रणालियों का एक संग्रह ", माधवाचार्य द्वारा 14 वीं शताब्दी का एक संस्कृत पाठ है। यह सोलह विभिन्न भारतीय दार्शनिक प्रणालियों का आलोचनात्मक अवलोकन प्रस्तुत करता है, तथा उनके सिद्धांतों और तर्कों को प्रस्तुत करता है। इन प्रणालियों को अद्वैत-वेदांत (गैर-द्वैतवाद) दृष्टिकोण से व्यवस्थित किया गया है, जिसमें चार्वाक और बौद्ध प्रणालियों को निचले स्तर पर तथा सांख्य और योग प्रणालियों को उच्च स्तर पर रख
Author : Prof. Madhav Janardan Rarate
Publisher : The Bharatiya Vidya Prakashan
Language : Hindi & Sanskrit
Edition : 2nd 2020
Pages : 606
Cover : Paper Back
ISBN : 978-81-217-0258-4
Size : 14 x 2 x 22 ( l x w x h )
Weight : 800gm
Item Code : TBVP 0132