Raghuvansh Mahakavyam 13-14 Sarg (रघुवंशमहाकाव्यम् 13-14 सर्गः)
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Acharya Narmdeshwar Kumar Tripathi - Sanskrit & Hindi
Raghuvansh Mahakavyam 13-14 Sarg (रघुवंशमहाकाव्यम् 13-14 सर्गः)
रघुवंशमहाकाव्यम् 13-14 सर्गः (Raghuvansh Mahakavyam 13-14 Sarg) कालिदास की कृतियों के क्रम में ‘रघुवंश महाकाव्य’ का ‘तीसरा स्थान’ है। प्रथम दो कृतियां हैं- ‘कुमारसंभव’ और ‘मेघदूत’। ‘रघुवंश’ कालिदास रचित महाकाव्य है। इसमें ‘उन्नीस सर्ग’ हैं, जिनमें रघुकुल के इतिहास का वर्णन किया गया है। महाराज रघु के प्रताप से उनके कुल का नाम ‘रघुकुल’ पड़ा। रघुकुल में ही राम का जन्म हुआ था। रघुवंश के अनुसार दिलीप रघुकुल के प्रथम राजा थे, जिनके पुत्र रघु द्वितीय थे। उन्नीस सर्गों में कालिदास ने राजा दिलीप, उनके पुत्र रघु, रघु के पुत्र अज, अज के पुत्र दशरथ, दशरथ के पुत्र राम तथा राम के पुत्र लव और कुश के चरित्रों का वर्णन किया है।
तेरहवां सर्ग राम-सीता व लक्ष्मण के पुष्पक विमान द्वारा अयोध्या प्रत्यागमन तथा भरत मिलन का चित्रण है।
चौदहवां सर्ग सीता गर्भधारण एवं राम द्वारा सीता परित्याग, लक्ष्मण का सीता को वाल्मीकि आश्रम में पहुँचाने के वृत्तांत को प्रस्तुत करता है।
Author : Acharya Narmdeshwar Kumar Tripathi
Publisher : Bharatiya Vidya Sansthan
Language : Sanskrit & Hindi
Edition : 2020
Pages : 126
Cover : Paper Back
ISBN : -
Size : 12 x 1 x 18 ( l x w x h )
Weight : 300gm
Item Code : BVS 0174