Patimokkha (पातिमोक्ख)

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Prof. Bhagchandra Jain "Bhaskar" - Sanskrit & Hindi

Patimokkha (पातिमोक्ख)

पातिमोक्ख (Patimokkha) पातिमोक्ख बौद्ध विनय का संविधान है। जैनधर्म और बौद्धधर्म के अन्तर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्ति मनीषी प्रोफेसर भागचन्द्र जैन ने ग्रन्थ की उपस्थापना में इस विषय पर विस्तृत मीमांसा प्रस्तुत की है। उन्होंने इसकी उत्पत्ति और विकास की चर्चा करते हुए उपोसथ, प्रातिमोक्ष, प्रवारणा, उपानह, कठिन चीवर, दण्डव्यवस्था, तज्रनीयकर्म, आभूषण, नारी प्रवेश, बौद्धाचार मांसभक्षण, उपासक के कर्तव्य, बौद्ध योग साधना की उत्पत्ति, जैन संस्कृति से तुलना, समाधि, कर्मस्थान, बोधिपाक्षिक भावना, ब्रह्मविहार, ध्यान, महायानी साधना, तान्त्रिक साधना, पातिमोक्ख की विभिन्न परम्पराएँ आदि जैसे विषयों पर विद्वत्तापूर्ण चिन्तन प्रस्तुत किया है। और इसके बाद मूल भिक्खुपातिमोक्ख और भिक्खुनी पातिमोक्ख का हिन्दी अनुवाद देते हुए विशेष टिप्पणियाँ देकर विषय को और अधिक स्पष्ट करने का प्रयत्न किया है।

Author : Prof. Bhagchandra Jain "Bhaskar"

Publisher : Bharatiya Vidya Prakashan

Language : Sanskrit & Hindi

Edition : 1st 2022

Pages : 238

Cover : Paper Back

ISBN : 978-93-92974-01-4

Size : 14 x 2 x 22 ( l x w x h )

Weight : 

Item Code : TBVP 0090

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