Isha Vasyopanishad (ईशावास्योपनिषद्)

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Dr. Pradhyun Dwivedi - Bharatiya Vidya Sansthan

Isha Vasyopanishad (ईशावास्योपनिषद्)

ईशावास्योपनिषद् (Isha Vasyopanishad) उपनिषद् मोक्ष के साक्षात् द्वार हैं। भौतिक दुःखों की निवृत्ति के मेरुदण्ड है। यह विद्या और अविद्या दोनों मार्गों का पालन करने का निर्देश देता है। इसमें आदर्श जीवन जीने का मार्ग दर्शन दिया गया है। ईशावास्योपनिषद् जिसे इशोपषिद् भी कहते हैं। यह शुक्ल यजुर्वेद के वाजसनेयी एवं काण्व संहिता के चालीसवें अध्याय में है; वासजनेयी संहिता में १७ मन्त्र एवं काण्व संहिता में १८ मंत्र है। इस उपनिषद् को ‘आत्मोपनिषद’ एवं ‘आत्मज्ञान’ भी कहते हैं। इस पर अनेकों भाष्य हैं किन्तु पूर्णता का अभाव, विद्वानों के मतों की विभिन्नता ने मुझे भी व्याख्या करने को प्रेरित किया। गुरुजनों एवं पूर्वजों के आशीर्वाद ने मेरी लेखनी एवं विचार को दृढ़ता प्रदान की। इसके लिए मैं उन पब्रह्मपरमेश्वर के साथ पूर्वजों एवं गुरुजनों के प्रति विशेष कृतज्ञता ज्ञापित करता हूँ।

Author : Dr. Pradhyun Dwivedi

Publisher : Bharatiya Vidya Sansthan

Language : Sanskrit & Hindi

Edition : 2007

Pages : 66

Cover : Paper Back

ISBN : 81-87415-71-1

Size : 14 x 1 x 22 

Weight : 

Item Code : BVS 0073

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