Dasarupam with Dhanika Commentary (दशरूपम्)

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Prof. Kaushalendra Pandey - The Bharatiya Vidya Prakashan

Dasarupam with Dhanika Commentary (दशरूपम्)

दशरूपम् (Dasarupam with Dhanika Commentary) भारतीय नाट्यशास्त्र परम्परा में दशरुपम् या दशरूपकम् अपनी विशेषताओं के कारण एक महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ के रूप में प्रतिष्ठित है। इसकी रचना दशम शताब्दी ई० के अन्तिम दशकों में आचार्य धनंजय के द्वारा की गई। इनके अनुज धनिक ने इस पर अवलोक नामक वृत्ति लिख कर इस ग्रन्थ को और उपयोगी बना दिया।
         इस ग्रन्थ में नाट्य के स्वरूप, वस्तु, नेता, रस और नाट्य के भेद तथा उनके लक्षण आदि के सम्यक् विवेचन से, संस्कृत नाट्य का संक्षिप्त किन्तु स्वयं में पूर्ण परिचय प्राप्त हो जाता है। कदाचित् इसीलिए अमेरिका के श्रेष्ठ प्राच्यविद् विद्वान् श्री फिट्ज एडवर्ड हॉल इस ग्रन्थ के प्रति आकृष्ट हुए और इसका संकलन करते हुए सम्पादन किया।

Author : Prof. Kaushalendra Pandey

Publisher : The Bharatiya Vidya Prakashan

Language : Sanskrit & English

Edition : 1st, 2021

ISBN : 978-81-951790-3-9

Pages : 228

Cover : Hard Cover

Size : 14 x 2 x 22 ( l x w h )

Weight : 

Item code : TBVP 0029

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