Bhasha Vigyan (भाषा विज्ञान)
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Shri Bhagwan Tiwari - Hindi - Bharatiya Vidya Sansthan
Bhasha Vigyan (भाषा विज्ञान)
भाषा विज्ञान (Bhasha Vigyan) ज्ञान-विज्ञान के अध्ययन का क्षेत्र व्यापक है। ज्ञान-विज्ञान के अन्तर्गत भाषाविज्ञान का अध्ययन अत्यन्त ही महत्त्वपूर्ण माना जाता है। पर, भाषा विज्ञान का निरूपण एवं विश्लेषण गणितशास्त्र की तरह अत्यन्त ही दुरुह है। प्रायः ऐसा देखा जाता है कि प्रखर विद्वान एवं सच्चे अन्वेषक हर दुर्बोध कार्य एवं विषय को दूसरों के उपयोग एवं लाभ के लिए सुबोध बना देते हैं। भाषावैज्ञानिकों ने लगन और निष्ठा के साथ भाषाविज्ञान के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण शोध कार्य किया है और भाषा सम्बन्धी गुत्थियों को सुलझाकर भाषाविज्ञान जैसे क्लिष्ट विषय को सबके लिए सुगम बना दिया है। पाश्चात्य भाषावैज्ञानिकों ने केवल मौलिक ग्रन्थों की रचना ही नहीं की है अपितु उनमें से कुछ विद्वानों ने विभिन्न भाषावैज्ञानिक सम्प्रदायों (स्कूल्स) की प्रतिष्ठा भी की है।
पुस्तकेषु च या विद्या परहस्तेषु यद्धनम् ।
उत्पन्नेषु च कार्येषु न सा विद्या न तद्धनम् ।।
अर्थात् बिना पढ़े ग्रंथांकित विद्या और दूसरों को दिया गया धन समय पड़ने पर काम नहीं आता है। उनकी इस सूक्ति को ध्यान में रखकर मैं अपने छात्र-जीवन में हर पुस्तक में उपलब्ध ज्ञान को अपनी स्मृति में संचित कर लेता था और समय आने पर सुगमतापूर्वक उस ज्ञान का उपयोग आज भी कर लेता हूँ।
Author : Shri Bhagwan Tiwari
Publisher : Bharatiya Vidya Sansthan
Language : Hindi
Edition : 1st 2007
Pages : 512
Cover : Paper Back
ISBN : 81-87415-73-8
Size : 14 x 3 x 22 ( l x w x h )
Weight : 460gm
Item Code : BVS 0016