Muhurta Chintamani (मुहूर्तचिन्तामणि:)
Inclusive of all taxes
Pt. Harishankar Pathak - Sanskrit & Hindi - Bharatiya Vidya Sansthan
Muhurta Chintamani (मुहूर्तचिन्तामणि:)
मुहूर्तचिन्तामणि: (Muhurta Chintamani) मूहत्तं शास्त्र पंचाङ्ग (तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण ), तथा ग्रहों के भोगांश और लग्न के आधार पर विशिष्ट कार्य सम्पादन हेतू उचित लाभकर समय निर्धारित करना मुहूर्त-शास्त्र का हो उत्तरदायित्व रहा है। पूर्वाचार्यों ने अपने सूक्ष्म अध्ययन, अनुशीलन, आदि के द्वारा उपर्युक्त उपकरणों के आधार पर विशिष्ठ कार्यों के निर्वावरूप से समापन के उद्देश्य से विशिष्ट समय या मूहों को निर्धारित करने की प्रक्रिया का वर्णन किया है। मुण्डनादि, धोडश संस्कारों, तालाब, देवालय, गृह आदि का निर्माण काल, दैनिक जोवन की अन्य व्यापारों के लिए तथा यात्रा अनुष्ठयाग आदि सम्पन्न करने के लिये शुभ मुहूर्त आदि का निर्धारण इस शास्त्र के आधार पर सम्पन्न होता है। अतः ज्योतिषी के लिये इस शास्त्र का अध्ययन परमावश्यक है।
Author : Pt. Harishankar Pathak
Publisher : Bharatiya Vidya Sansthan
Language : Sanskrit & Hindi
Edition : 1st 1998
Pages : 198
Cover : Paper Back
ISBN : -
Size : 14 x 2 x 22 ( l x w x h )
Weight :
Item Code : BVS 0118
You May Also Like