Dash Kumar Charitam (दशकुमारचरितम् पूर्वपीठिकामात्रम्)
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Acharya Narmdeshwar Kumar Tripathi - Sanskrit & Hindi
Dash Kumar Charitam (दशकुमारचरितम् पूर्वपीठिकामात्रम्)
दशकुमारचरितम् पूर्वपीठिकामात्रम् (Dash Kumar Charitam) अवन्ति सुन्दरी आदि कथात्मक काव्य एवं काव्यादर्श नामक लक्षण ग्रन्थ के प्रणेता महाकवि दण्डी संस्कृत माहित्य के इतिहास में प्रसिद्ध आचार्य है। आचार्य भामह के बाद आचार्य दण्डी का नाम बड़े आदर के साथ लिया जाता है। ‘काव्या- दर्श’ में महाकवि दण्डी के आचार्यत्व का प्रमाण मिलता है तो दशकुमारचरित के द्वारा महाकवि दण्डी की कवित्वशक्ति का ज्ञान होता है। दशकुमारचरित के विभिन्न पात्रों का चित्रण महाकवि की ज्ञान-विपुलता को दर्शाता है। वस्तु-मङ्घटन इनना प्रवाहपूर्ण है कि सहृदय इसे आद्योपान्त पढ़कर ही दम लेता है। तत्कालीन मामा-जिक-धार्मिक एवं भौगोलिक स्थिति का दिग्दर्शन महाकवि के दशकुमार और अवन्तिमुन्दरी कराते हैं। महाकवि में गद्य की एक ऐगी जैसी अपनाई है जो नितान्त नवीन है। छोटे बाक्य में भी बड़े-बड़े अर्थों को प्रक्ट कर देश महाकवि की शैली की विशेषता है। इनकी गली में पदलालित्यतो पदपद पर प्राप्त होते हैं। उक्त विशेषताओं के कारण ही दण्डी का ऋणी संस्कृत विद्वत्मण्डल ने विभित्र विश्वविद्यालयों में दशकुमारचरित आदि दण्डी की रवनाओं को विभिन पाठ्य- क्रमों में निर्धारित किया है। गर्व-विद्या को राजधानी काही नगरी में स्थित सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय ने भी महाकविदण्डी के दशकुमारचरिन ही पूर्वपीठिका को मध्यमा परीक्षा के पाठ्यक्रम में लगाया है
Author : Acharya Narmdeshwar Kumar Tripathi
Publisher : Bharatiya Vidya Sansthan
Language : Sanskrit & Hindi
Edition : -
Pages : 204
Cover : Paper Back
ISBN : -
Size : 12 x 2 x 18 ( l x w x h )
Weight :
Item Code : BVS 0046